कुछ ख़्वाब बुनो जाना खुशबू और रंग बहारों के कुछ यादों के कुछ फूलों के कुछ राग रंग मल्हारों के बारिश की गिरती बूदों के सर्दी में ठिठुरती शामों के गर्मी की मचलती सुबहों के और मेरे भी तन्हा तन्हा कुछ ख्वाब बुनो 2011
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