Sunday, January 10, 2016

काश

साहिल की ठंडी रेत पर
साथ साथ क़दम बढ़ाते
जब तुमने रुक कर
मुझसे कहा था
काश ये वक़्त यहीं थम जाये
चंदा तारे बहता दरिया ठंडा साहिल
एक तेरे आने की ख़्वाहिश में
जाने कबसे रुके हुए हैं
2011

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