मुझे महसूस करना हो तो कर लो
हवा के साथ बहता जा रहा हूँ
तुम्हारे हुस्न की रानाई लेकर
गुलों में रंग भरता जा रहा हूँ
मुझे अपनी रग़ों में क़ैद कर ले
तेरी हद से निकलता जा रहा हूँ
कभी जूड़े में मुझको भी सजा लो
मैं ख़ुशबू हूँ बिखरता जा रहा हूँ
सदा ख़ामोश लम्हों की सुनोगे
सो ख़ामोशी में ढलता जा रहा हूँ
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